राष्ट्रपति (President)-इसके कुछ महत्वपूर्ण तथ्य

राष्ट्रपति क्या है? और इसकी क्या शक्तियां एवं कार्य हैं? इसके बारे में आज हम जानेंगे। इससे पहले हमने संविधान से राज्यसभा, लोकसभा, विधानसभा, मुख्यमंत्री, मंत्री परिषद, आदि के बारे में जाना था और आज हम संविधान से राष्ट्रपति के बारे में चर्चा करेंगे और इस प्रकार से समझने की कोशिश करेंगे कि यदि इस से रिलेटेड एग्जाम में कोई प्रश्न या ऑब्जेक्टिव आता है तो उसे हम आसानी से हल कर सके।

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इस आर्टिकल के अंत में राष्ट्रपति के संबंध में कुछ ऑब्जेक्टिव दिए गए हैं जिनको आप हल कर सकते हैं।

राष्ट्रपति क्या है? | what is the president?

हमारे भारत में दो-संघ और राज्य स्तर की व्यवस्था की गई है और दोनों ही स्तर पर सरकार का गठन या सरकार बनाई जाती है। संघ स्तर पर जो सरकार बनती है उसके कार्यपालिका का हेड राष्ट्रपति होता है। भारतीय संविधान में एक सबसे वरिष्ठ और सबसे सर्वोच्च पद के रूप में जाना जाता है। यहां पर दो तीन बातें बहुत जरूरी हैं जिन्हें हमें याद रखना है-

  1. भारत का प्रथम नागरिक इन्ही को ही कहते हैं।
  2. संघ की कार्यपालिका का हेड इनको ही कहा जाता है।
  3. पर वास्तव में ये अपनी शक्तियों का बहुत कम प्रयोग करते हैं।
  4. लेकिन संघ की कार्यपालिका का वास्तविक हेड प्रधानमंत्री होते हैं।

राष्ट्रपति के संबंध में अनुच्छेद

  • अनुच्छेद 52 – इसमें पद का वर्णन किया गया है।
  • अनुच्छेद 53 – इसमें कार्य एवं शक्तियों के बारे में बताया गया।
  • अनुच्छेद 54 – इसमें निर्वाचन का वर्णन किया गया है।
अब बात यहां या है कि निर्वाचन में कौन चुनाव में भाग ले सकते हैं? उनको कहते हैं निर्वाचक मंडल इसका अर्थ है कि राष्ट्रपति के चुनाव में वोट देने जाएंगे। तो चुनाव में वोट देने का अवसर लोकसभा राज्यसभा विधानसभा दिल्ली एवं पुडुचेरी का विधानसभा के निर्वाचित सदस्यों को मिलता है। लेकिन यहां पर आपको या याद रखना है कि विधान परिषद को चुनाव में भाग्य लेने का अवसर नहीं है।
  • अनुच्छेद 55 इसमें निर्वाचन की रीति को बताया गया है।
राष्ट्रपति का चुनाव समान अनुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली द्वारा होता है। इसमें संघ और राज्य दोनों को समान वोट मिलता है चुंकि संघ में राज्यसभा और लोकसभा के सदस्यों की संख्या कम है लगभग 776 और राज्यों में विधायकों की संख्या अधिक होती है लगभग 4120। अब यदि दोनों को वोट देने का अधिकार समान कर दिया जाए तो राज्य से और अधिक आएंगे और संघ से कम आएंगे इसलिए इस चीज को समान करने के लिए दोनों के मत पर जोर दिया गया और इसके संबंध में दोनों के वोट वैल्यू को अलग अलग रखा गया।

वोट वैल्यू कैसे निकालते हैं? 
एक विधायक का मत वैल्यू निकालने का तरीका:-
एक विधायक=उस राज्य की कुल जनसंख्या/राज्य के विधानसभा के कूल निर्वाचित सदस्य *1/1000

इस फार्मूले से हम एक विधायक का मत वैल्यू निकालते हैं।

एक सांसद कामत बिल निकालने का तरीका:- 
एक सांसद=कुल विधायकों का मत वैल्यू/निर्वाचित सांसदों की संख्या

तो इस फार्मूले से हम एक विधायक का मतलब निकालते हैं।
  • अनुच्छेद 56 – इसमें पदाविधि के बारे में बताया गया।
 - राष्ट्रपति का कार्यकाल 5 वर्ष का होता है।
 - यह कार्यकाल जब तक शुरू होता है जब वह शपथ लेते हैं।
 - लेकिन यदि वह चाहे तो इसके बीच में ही त्याग देकर अपने पद से हट सकते हैं।
 - त्यागपत्र उपराष्ट्रपति को दिया जाता है।
  • अनुच्छेद 57 – इसमें पुनः निर्वाचन के बारे में बताया गया है।
 - हमारे भारत में यह तय नहीं किया गया है कि एक व्यक्ति कितनी बार राष्ट्रपति बनेगा। 
 - लेकिन यदि हम U.S की बात करें तो वहां पर एक व्यक्ति 2 बार राष्ट्रपति बन सकता है
  • अनुच्छेद 58 – इसमें राष्ट्रपति बनने के लिए कौन-कौन सी योग्यता होनी चाहिए इसके बारे में बताया गया है।
   - भारत का नागरिक हो।
   - 35+ आयु पूरा कर चुका हो
   - लोकसभा का सदस्य बनने योग्य होना चाहिए।
   - किसी सरकारी नौकरी में नहीं होना चाहिए।
   - अंत में जिस किसी को राष्ट्रपति बनना है उसे चुनाव में खड़े होने के लिए 50 प्रस्तावक और 50 अनुमोदक यानी जब तक आपके पास 50+50=100 विधायक और सांसद का सपोर्ट नहीं होगा तब तक आप चुनाव लड़ने योग्य नहीं बनेंगे।
   - राष्ट्रपति का चुनाव लेने के लिए ₹15000 जमानत जमा करनी होती है और यह रुपए आरबीआई या सरकारी खजाने में जमा करवाना होता है। यदि आप चुनाव जीत जाते हैं तो आपको वो रुपए वापस कर दिए जाते हैं लेकिन यदि आप चुनाव हार जाते हैं या 1/6 से भी कम मत प्राप्त करने में असफल हो जाते हैं तब यह जमानत जप्त कर ली जाती है।
  • अनुच्छेद 60 – इसमें शपथ का वर्णन किया गया है।
     - राष्ट्रपति को शपथ सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश दिलवाते हैं।
     - लेकिन यदि मुख्य न्यायाधीश उस समय उपस्थित नहीं है तो सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ न्यायाधीश राष्ट्रपति को शपथ दिलवाते हैं।
  • अनुच्छेद 61- इसमें महाभियोग के बारे में बताया गया है
   - इसके अंतर्गत यदि राष्ट्रपति अपनी शक्तियों का गलत प्रयोग करते हैं तो उन पर महाभियोग लाया जाता है अर्थात उन्हें उनके पद से हटाने की प्रक्रिया शुरू की जाती हैं। राष्ट्रपति को पद से हटाने का प्रस्ताव संसद के राज्यसभा और लोकसभा दोनों सदन में लाया जा सकता है लेकिन उन्हें 14 दिन पहले यह लिखित रूप से एक पत्र भेज दिया जाता है कि आप पर महाभियोग लाया जा रहा है। इस 14 दिन में यदि वे अपने पद से त्यागपत्र दे देते हैं, तो उन पर महाभियोग नहीं लाया जाता है। लेकिन यदि वे त्यागपत्र नहीं देते हैं, तो उन पर महाभियोग लाया जाता है और फिर उन्हें उनके पद से हटा दिया जाता है।

Related Q&A

1. भारत का प्रथम नागरिक किसे कहा जाता है?

 
 
 
 

2. संघ की कार्यपालिका का हेड कौन होता है?

 
 
 
 

3. संघ की कार्यपालिका का वास्तविक हेड कौन होता है?

 
 
 
 

4. निम्नलिखित में से सही उत्तर की जांच कीजिए:-

A. भारत में राष्ट्रपति का पुनः निर्वाचन केवल एक ही बार होता है
B. राष्ट्रपति का कार्यकाल 5 का वर्ष होता है लेकिन 42वे संविधान संशोधन 1976 में राष्ट्रपति का कार्यकाल 6 वर्ष कर दिया गया था।
C. राष्ट्रपति बनने के लिए 35+ आयु होनी चाहिए।

उपरोक्त में से कौन सा उत्तर सही है

 
 
 
 

5. राष्ट्रपति का चुनाव लड़ने के लिए कितने प्रस्तावक और अनुमोदक की जरूरत होती है?

 
 
 
 

6. अनुच्छेद 60 में किस चीज का वर्णन किया गया है?

 
 
 
 

7. राष्ट्रपति बनने के लिए कौन-कौन सी योग्यता होनी चाहिए?

 
 
 
 

8. U.S.A में कितनी बार एक व्यक्ति राष्ट्रपति बन सकता है

 
 
 
 

9. राष्ट्रपति की शक्तियां एवं कार्य के बारे में किस अनुच्छेद में बताया गया है?

 
 
 
 

10. वर्तमान में भारत का राष्ट्रपति कौन है।

 
 
 
 

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