शिशुनाग वंश के संस्थापक कौन थे – शिशुनाग, कालाशोक और नंदीवर्धन

शिशुनाग वंश के संस्थापक कौन थे? शिशुनाग, कालाशोक और नंदीवर्धन का संबंध इस वंश से क्या है? इस वंश के संबंध में आज हम इस आर्टिकल में विस्तार में जानेंगे। इससे पहले हमने मगध के उत्कर्ष के बारे में जाना था जो 16 महाजनपदों में से सबसे शक्तिशाली एवं बड़ा साम्राज्य था।

तो मुख्यता इस आर्टिकल में हम शिशुनाग वंश के संबंध में सभी चीजों के बारे में जानने का प्रयास करेंगे और इस प्रकार से समझेंगे की कोशिश करेंगे कि यदि एग्जाम में इस से रिलेटेड कोई प्रश्न आता है तो हम उसे आसानी से हल कर सके।

learn additionally: मानचित्र क्या है – प्रकार, घटक, काखा और रेखाचित्र मानचित्र

शिशुनाग वंश

यह मगध साम्राज्य का द्वितीय वंश था। इस वंश के संस्थापक शिशुनाग थे। इस वंश का काल 412 BC से लेकर 344 BC तक रहा। शिशुनाग के पुत्र का नाम कालाशौक था। शिशुनाग ने कई वर्षों तक राजा के पद पर थे जब उनकी मृत्यु हुई तो उनका पुत्र कालाशोक राजा बना था तथा अंत में इस वंश का अंतिम राजा नंदीवर्धन थे।

शिशुनाग

  • ये शिशुनाग वंश के संस्थापक थे।
  • इनको पुराणों में क्षेत्रीय कहा गया है।
  • इन्होंने अवंती राज्य पर आक्रमण करके उसे जीत लिया था।
  • अवंती को जीतने के कारण मगध में व्यापार के काम में बढ़ोतरी हुई थी।
  • इन्होंने गिरिब्रज के अतिरिक्त वैशाली नगर को मगध की राजधानी बनाई।
  • शिशुनाग ने लगभग 412 से लेकर 394 तक मगध का राजा बना रहा था।

learn additionally: मुख्यमंत्री कैसे बने-शक्तियां एवं कार्य, वेतन और शपथ

कालाशौक

  • यह शिशुनाग के पुत्र थे।
  • पुराणों में कालाशौक को काकणर कहा गया है।
  • इनके पिता शिशुनाग ने मगध की राजधानी वैशाली को बनाया था पर इन्होंने मगध की राजधानी पुनः पाटलिपुत्र को बनाया।
  • शिशुनाग की मृत्यु के बाद उसका पुत्र कालाशोक राजा बना था।
  • कालाशोक के शासनकाल में बौद्ध की द्वितीय सभा का आयोजन किया गया था।
    • बौद्ध की द्वितीय सभा वैशाली में हुई थी
    • इस सभा में बौद्ध संघ दो संप्रदायों महासंधिक और भेरवदी में विभाजित हो गई थी।
  • बाणभट्ट के हर्षचरित से पता चलता है कि 1 दिन कालाशोक राजधानी के समीप घूम रहे थे तभी किसी व्यक्ति ने उनकी छुरा भोंककर हत्या कर दी थी।
  • महाबोधि वंश के अनुसार कालाशोक के 10 पुत्रों ने एक साथ मिलकर लगभग 22 वर्षों तक शासन किया था।

Necessary: इस वंश के अंतिम राजा नंदीवर्धन थे। इस राजा के संबंध में बहुत कम Questions Examination में पूछे जाते हैं।

Your Friend

Yourfriend इस हिंदी website के founder है। जो एक प्रोफेशनल Blogger है। इस site का main purpose यही है कि आप को best इनफार्मेशन प्रोविडे की जाए। जिससे आप की knowledge इनक्रीस हो।

3 thoughts on “शिशुनाग वंश के संस्थापक कौन थे – शिशुनाग, कालाशोक और नंदीवर्धन

Leave a Reply

Your email address will not be published.