हर्यक वंश – बिंबिसार, अजातशत्रु और उढयन

हर्यक वंश के संस्थापक कौन थे? बिंबिसार, अजातशत्रु और उढयन का संबंध हर्यक वंश से क्या है? इस वंश के संबंध में आज हम इस आर्टिकल में विस्तार में जानेंगे। इससे पहले हमने मगध के उत्कर्ष के बारे में जाना था कि मगध के उदय होने के पीछे क्या क्या कारण थे साथ ही हमने 16 महाजनपदों के बारे में जाना था जिसमें मगध सबसे शक्तिशाली एवं बड़ा साम्राज्य था।

तो मुख्यता नीचे हम हर्यक वंश के संबंध में सभी चीजों के बारे में जानेंगे जिसका संबंध मगध साम्राज्य से भी है।

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हर्यक वंश

यह मगध साम्राज्य का प्रथम वंश था जिस के संस्थापक बिंबिसार थे इस वंश को पितृहंता वंश के नाम से भी जाना जाता है क्योंकि इस वंश के अधिकतर राजाओं ने अपने पिता को मारकर राज सिंहासन पर बैठे थे अर्थात राजा बने थे।

बिंबिसार

  • बिंबिसार हर्यक वंश के संस्थापक थे।
  • ये 544 BC से 492 BC तक राजा बने रहे थे।
  • इन्होंने मगध की राजधानी राजगृह को बनाया था।
  • बिंबिसार के शासन में राजवैध नामक एक जीवक ने बुध और अवंती के राजा की सेवा की थी
  • बिंबिसार एक ऐसे राजा थे जिन्होंने अपने साम्राज्य के विस्तार के लिए युद्ध करने के बजाय अर्थात युद्ध करके अपने साम्राज्य को बढाने के बजाए, कई शादी करके अपने साम्राज्य को बढ़ाने को उचित समझा।
  • शादी के संबंध में बिंबिसार ने तीन शादियां की थी।
    • पहली शादी उन्होंने महाकौशला से की थी जो कौशल वंश की पुत्री थी।
    • दूसरी शादी उन्होंने चल्लना से की थी जो वैशाली वंश की पुत्री थी।
    • तीसरी शादी उन्होंने क्षेमा से की थी जो मद्र वंश की पुत्री थी।

Important News: बिंबिसारा एक ऐसे राजा थे जिन्होंने विवाह करके अपने साम्राज्य का विकास किया। इसके अलावा अन्य जितने भी राजा थे उन्होंने युद्ध करके अपने साम्राज्य का विकास किया था।

अजातशत्रु

  • यह बिंबिसार का पुत्र था।
  • इसे कुणिक के नाम से भी जाना जाता है।
  • इसने अपने पिता को 492 बीसी में मारकर राज सिंहासन पर बैठा था।
  • इसने अपने शासनकाल में वैशाली ( जहां से उसके पिता ने शादी की थी) और काशी राज्य में आक्रमण करके जीत लिया था।
  • अजातशत्रु के शासनकाल में बुद्ध की प्रथम सभा का आयोजन किया गया था।

उढयन

  • यह अजातशत्रु का पुत्र था।
  • जिसे उढायिन नाम से भी जाना जाता है।
  • जिस प्रकार से अजातशत्रु ने अपने पिता को मारकर राजा बना था Same उसी प्रकार से उढयन ने भी अपने पिता अजातशत्रु को मारकर राजा बना था।
  • उढयन ने गंगा, सोन, गंधक के संगम पर पाटलिपुत्र नामक एक राज्य की स्थापना की थी तथा उसे मगध की राजधानी बनाया था।

Important News: जब आप मगध के उत्कर्ष के बारे में पड़ेंगे तो आप देखेंगे कि मगध की राजधानी को कई राजाओं ने बदला था।

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