Moon kaise bna है यह क्या है और इसके क्या रहस्य है

Moon kaise bna है moon जो बहुत खूबसूरत है और यह हमारी पृथ्वी के शरु से लेकर आज तक हमारे साथ है। moon पर नजर रखते हुए हमने कलैंडर को बनाया है और कई सारी कहानियां भी बनाई है। चांद को देख कर भेरिए आवाज निकालते हैं और यह हमें रात के अंधेरे में प्रकाश प्रदान करता है। चांद के कारण हमारी धरती एक बैलेंस में रहती हैं।

दुरी के अनुसार चांद धरती के पास तो है But अभी भी कई ऐसी चीजें हैं जो हमें चांद के बारे में नहीं पता है। तो आज हम चांद से जुड़े कुछ सवालो को जानने का प्रयास करेंगे और यह भी जानेंगे कि Moon kaise bna है।

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चांद क्या है

  • चांद एक प्रकार का उपग्रह (satellite) है‌।
  • जो पृथ्वी के चारों तरफ चक्कर लगाता रहता है।
  • चांद पृथ्वी को एक बैलेंस में बनाए रखने में मदद करता है।
  • हमारे सोलर सिस्टम में Moon की संख्या लगभग 181 है।
  • वर्तमान में सबसे ज्यादा उपग्रह वाला ग्रह शानि है।
  • हर प्लैनेट का अपना एक या एक से अधिक उपग्रह होते हैं।
  • नीस आर्मस्ट्रांग 21 जुलाई 1969 को चंद्रमा की सतह पर कदम रखने वाले पहले व्यक्ति थे।
  • उपग्रह दो प्रकार के होते हैं-
  1. मानव निर्मित उपग्रह
  2. प्राकृतिक उपग्रह

मानव निर्मित उपग्रह

जो मानव द्वारा बनाए जाते हैं अर्थात विज्ञानिको द्वारा। जिनका उपयोग ब्रमांड के बारे में जानकारी प्राप्त करने और पृथ्वी पर संचार माध्यम के लिए किया जाता है इसे रॉकेट के द्वारा अंतरिक्ष में भेजा जाता है और Earth कि कक्ष में स्थापित कर दिया जाता है।
मानव निर्मित कुछ उपग्रह-

  1. INSAT
  2. IRS
  3. EDUSAT etc.

प्राकर्तिक उपग्रह

स्वयं बनने वाले उपग्रह को प्राकर्तिक उपग्रह कहते हैं जैसे हमारा चांद। किसको किसी ने भी नही बना है यह अपने आप बना है

Moon Kaise bna

Moon kaise bna इस संबंध में दो theory हैं जो यहां बताते हैं कि Moon kaise bna है।

  1. Derwin theory
Moon kaise bna है यह क्या है और इसके क्या रहस्य है

Derwin theory कहती है कि जब Earth बनी थी अर्थात जब पृथ्वी ताजी-ताजी बनी थी जब उसमें बहुत अधिक टेंपरेचर था, भयानक आग लगी हुए थी, सब हीलीयम और हाइड्रोजन भरा परा था, ऑक्सीजन का कहीं नामो निशान नहीं था। तब Earth का आकार कुछ Drumbble की तरह था जैसा की पिक्चर में दिख रहा है इसमें जो छोटा वाला part है वह moon हुआ करता था जो किसी वजह से बाद में टूट गया था और जब यह किसी वजह से टूट के अलग हो गया था। जैसा कि हमें पता हे कि हर चीज Gravity है तो Earth की gravity के कारण यह Earth से दूर नहीं जा पाया और Earth के चक्कर लगाने लगा। जैसे हमारी Earth, sun के चारों तरफ चक्कर लगाती है वैसे ही Moon Earth चक्कर लगने लगा।

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2. Big spot theory

इसे modern thery के नाम से भी जाना जाता है जब Big spot theory आई तो इसने derwin की theory को गलत साबित करते हुए कहा कि Earth Drumbble जैसी बिल्कुल भी नहीं थी।

Moon kaise bna है यह क्या है और इसके क्या रहस्य है

Big spot theory ने कहा कि लगभग 4.46 billion years ago एक मंगल ग्रह के बराबर का कोई सिस्टम या डस्ट किसी कारण से Earth के बहुत करीब आ गया और Earth से टकरा गया था जिससे Earth का कुछ हिस्सा टूटकर अलग हो गया था और आज वह हिस्सा Moon है। असल में जब कोई चीज Earth से टकराई थी तो वह बहुत छोटे छोटे particles में अलग हो गए थे पर उन particles में actrective forces और Earth का gravity forces के कारण वे particles, Earth से दूर नहीं जा सके जिस के कारण वे Earth के चार तरफ चक्कर लगाने लगे। धीरे-धीरे वे सभी particles एक-दूसरे से चिपकाने लगे और सारे particles मिलकर moon बन गए और वह उस समय से लेकर आज तक Earth के चारों तरफ चक्कर लगा रहा है।

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